देहरादून: 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र, 62 करोड़ की नई बिल्डिंग का शिलान्यास

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देहरादून: उत्तराखंड को स्वच्छता के क्षेत्र में देश का पहला राज्य बनाए जाने पर जोर दिया जा रहा है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सेवा सदन में शहरी विकास विभाग के अंतर्गत चयनित 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए गए. जिन्हें सीएम पुष्कर धामी ने अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपा. जिसमें 10 महिला सफाई निरीक्षक भी शामिल रहीं. इस दौरान सीएम धामी ने करीब 62 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले शहरी विकास निदेशालय के नए बिल्डिंग का भी शिलान्यास किया.
बताया जा रहा है कि शहरी विकास निदेशालय का हरित एवं आधुनिक भवन करीब 62 करोड़ रुपए की लागत से अगले डेढ़ साल में बनकर तैयार होगी. इस भवन में शहरी विकास विभाग के साथ ही स्मार्ट सिटी और उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी का कार्यालय भी खुलेगा.
वहीं, पालिका केंद्रीकृत सेवा के तहत चयनित इन अभ्यर्थियों को सरकारी नियुक्ति मिली है. सरकार का दावा है कि पिछले चार सालों में 30 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई है. सीएम धामी ने कहा कि 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया है. जिससे कार्यक्षमता बढ़ने के साथ ही व्यवस्थाएं बेहतर होंगी.
उन्होंने कहा कि पूरे साल पर्यटक और श्रद्धालु उत्तराखंड में आते हैं. इसके साथ ही चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है. साल 2027 में कुंभ मेला आयोजित होने जा रही है. ऐसे में शहरों और तीर्थस्थलों की स्वच्छता और व्यस्थाओं को सुचारू रूप से बनाए रखना बेहद जरूरी है. जिसमें निकायों की भूमिका काफी अहम है. ऐसे में उन्हें भरोसा है कि नवनियुक्त सफाई निरीक्षक अपने दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन करेंगे.
वहीं, शहरी विकास विभाग के सचिव नितेश झा ने कहा कि 63 सफाई निरीक्षकों की नियुक्ति पब्लिक सर्विस कमीशन के जरिए पहले ही हो गया था, लेकिन कोर्ट में मामला होने की वजह से इन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिया जा सका. ऐसे में कोर्ट से मामला निस्तारित होने के बाद इन सभी 63 सफाई निरीक्षकों को आज नियुक्ति पत्र सौंपा गया है.
उन्होंने कहा कि इन सभी सफाई निरीक्षकों को ग्राउंड जीरो पर जाकर उत्तराखंड को स्वच्छता के मामले में देश के पहले पायदान पर पर लाने का प्रयास करना होगा. इन सभी सफाई निरीक्षकों के लिए ट्रेनिंग का प्रोग्राम भी तैयार कर लिया गया है, जिसके तहत इन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी.
सचिव झा ने कहा कि पिछले एक साल के भीतर प्रदेश के नगर निकायों को कूड़ा उठाने के लिए जीपीएस इनबिल्ड 250 गाड़ियां उपलब्ध कराई गई है. अगले दो महीने में 150 गाड़ियां और उपलब्ध कराई जाएगी. इसके अलावा अगले 6 महीने में 500 और गाड़ियां नगर निकायों को उपलब्ध कराई जाएगी.
इससे प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर निकायों में शत प्रतिशत कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की उपलब्धता हो जाएगी. साथ ही बताया कि इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश के तमाम नगर निकायों में 72 पार्क विकसित किए जा चुके है. जिससे एक लाख 30 हजार वर्ग मीटर ग्रीन स्पेस डेवलप किया है. इसके साथ ही 31 मार्च से पहले 32 और पार्क स्वीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है.
शहरी विकास विभाग के सचिव नितेश झा की मानें तो इस साल हर शहर में पथ प्रकाश व्यवस्था पर जोर दिया जाएगा. जिसके लिए 15 योजनाएं तैयार की गई है. जिसमें से 8 योजनाओं को मंजूरी मिल गई है, ऐसे में 31 मार्च से पहले बचे हुए 7 योजनाओं को भी मंजूरी मिल जाएगी.
इसके अलावा प्रदेश में जगह-जगह पर कूड़े के पहाड़ भी नजर आते हैं, जिसके तहत पिछले एक साल में तमाम नगर नगर निकायों में मौजूद 25 लाख मीट्रिक टन में से 45 फीसदी कूड़ा का निस्तारण किया जा चुका है. ऐसे में आगामी 9 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस से पहले प्रदेश के मौजूद लीगेसी वेस्ट को समाप्त कर दिया जाएगा.