देहरादून। नगर निगम देहरादून की बोर्ड बैठक दूसरे दिन भी हंगामे और तीखी नोंकझोंक के बीच जारी रही। बैठक के दौरान भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच कई मुद्दों को लेकर बहस देखने को मिली। देर शाम तक कुल 65 प्रस्तावों में से केवल 26 पर ही चर्चा हो सकी, जबकि शेष 39 प्रस्तावों पर अब शनिवार को विचार किया जाएगा।
बैठक में सबसे अहम फैसला शहर में बढ़ते अतिक्रमण पर सख्ती को लेकर लिया गया। नगर निगम ने तय किया है कि अब अवैध निर्माण या अतिक्रमण पाए जाने पर एक सप्ताह के भीतर नोटिस जारी किया जाएगा और एक महीने के अंदर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
पार्षदों ने बैठक में आरोप लगाया कि शहर में अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि निगम की कार्रवाई के बावजूद कुछ ही घंटों में दोबारा रेहड़ी-पटरी लग जाती है, ऐसे में स्थायी समाधान के लिए ठोस नीति बनाने की जरूरत है।
इसके अलावा सिंगल यूज प्लास्टिक के मुद्दे पर भी पार्षदों ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को घेरा। आरोप लगाया गया कि छोटे व्यापारियों पर तो कार्रवाई होती है, लेकिन बड़े थोक विक्रेताओं पर कोई सख्ती नहीं दिखती।
बैठक में बल्लूपुर फ्लाईओवर के नीचे शौचालय निर्माण में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई गई। फिलहाल यहां अस्थायी रूप से मोबाइल टॉयलेट लगाने का निर्णय लिया गया है।
इस बीच, नगर निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 715 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी है। नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि इन भर्तियों से सफाई, जल निकासी और अन्य नागरिक सेवाओं में सुधार आएगा।
उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई और नई भर्तियों के जरिए नगर निगम शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

More Stories
रेरा पोर्टल से जुड़ेगा मानचित्र स्वीकृति सिस्टम, अवैध निर्माण पर सख्ती के संकेत
चारधाम मॉनिटरिंग मॉडल बना मिसाल, हिमाचल में भी होगा लागू
धीमी प्रगति पर फटकार, SARRA को दिए सख्त निर्देश