देहरादून। नंदा चौकी क्षेत्र में टोंस नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने के मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सख्त कार्रवाई की है। भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के दौरान नदी के ऊपरी हिस्से में सुरक्षा दीवार के नीचे तेज कटाव होने के कारण पुल की एप्रोच रोड को नुकसान पहुंचा था।
घटना के बाद मामले की जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नदी के तेज बहाव से हुए कटाव की गहराई का उचित आकलन नहीं किया गया था। इससे निर्माण की सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
जांच अधिकारी ने जमीन के भीतर की वास्तविक स्थिति और संरचना की मजबूती का आकलन करने के लिए विशेष भू-भेदी रडार (Ground Penetrating Radar) तथा विद्युत प्रतिरोधकता जांच (Electrical Resistivity Survey) कराने की सिफारिश की है। इन तकनीकों के माध्यम से जमीन के भीतर मौजूद कमजोर हिस्सों, कटाव और संरचना की स्थिति का विस्तृत परीक्षण किया जा सकेगा।
निर्माण कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
जांच में सामने आई कमियों के बाद लोक निर्माण विभाग ने मैसर्स हिमालयन कंस्ट्रक्शन, 250 सारथी विहार, हरिद्वार रोड, देहरादून के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कंपनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित एवं प्रतिबंधित कर दिया है।
विभाग के आदेश के अनुसार, अग्रिम आदेश तक उक्त कंपनी को लोक निर्माण विभाग की किसी भी निविदा प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।
गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर PWD सख्त
एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने के मामले ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के पालन पर भी सवाल खड़े किए हैं। लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि निर्माण कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी।
विभाग की इस कार्रवाई को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की नीति के तौर पर देखा जा रहा है। आगे की तकनीकी जांच के बाद मामले में जिम्मेदारी और तय किए जाने की संभावना है।

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