हल्द्वानी में इंटरनेशनल साइबर क्राइम सिंडिकेट का पर्दाफाश, छह आरोपी गिरफ्तार

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म्यूल बैंक खातों, एटीएम और अनधिकृत ऐप के जरिए हो रहा था संदिग्ध वित्तीय लेनदेन; दो विधि-विवादित किशोर भी संरक्षण में

हल्द्वानी। साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क के खिलाफ नैनीताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुखानी क्षेत्र में कथित इंटरनेशनल साइबर क्राइम सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह म्यूल बैंक खातों, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और अनधिकृत ऐप के माध्यम से बड़े पैमाने पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन कर रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य संचालक समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लिया गया है।

यह कार्रवाई एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी की रणनीति के तहत चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ के दौरान की गई। SOG, साइबर सेल और मुखानी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने 5-6 सितंबर की रात लक्ष्मण विहार कॉलोनी स्थित एक मकान पर छापा मारा। पुलिस के अनुसार, मौके से संदिग्ध साइबर गतिविधियों से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

बड़ी मात्रा में डिजिटल और बैंकिंग सामग्री बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.18 लाख रुपये नकद, एक Dell लैपटॉप, एक Apple iPad, 11 स्मार्टफोन, 24 सक्रिय ATM/डेबिट कार्ड, 12 सिम कार्ड, छह चेकबुक, चार पासबुक और 16 बैंक जमा/CDM पर्चियां बरामद करने का दावा किया है।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को गिरोह के क्रिप्टोकरेंसी USDT की खरीद-फरोख्त से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी राहुल यादव Binance ऐप के माध्यम से नकदी जुटाकर USDT खरीदता था। इसके बाद Telegram के जरिए संपर्क में आए लोगों के माध्यम से कथित अनधिकृत UMASTER ऐप पर प्रतिदिन करीब 4 से 5 लाख रुपये मूल्य की USDT बेची जाती थी।

पुलिस का कहना है कि इस प्रक्रिया में करीब तीन प्रतिशत अतिरिक्त मुनाफे और बोनस का लालच दिया जाता था।

कमीशन के लालच में खुलवाए जा रहे थे म्यूल खाते

पुलिस जांच के मुताबिक संदिग्ध धनराशि को अलग-अलग बैंक खातों में घुमाने के लिए स्थानीय युवाओं को भी नेटवर्क से जोड़ा गया था। आरोप है कि कमीशन का लालच देकर लोगों से उनके बैंक खाते, ATM कार्ड, चेकबुक और पासबुक हासिल किए जाते थे।

गिरोह कथित तौर पर इन म्यूल खातों का इस्तेमाल रकम निकालने और आगे ट्रांसफर करने के लिए करता था। पुलिस के अनुसार, ATM से नकदी निकालने के साथ-साथ अधिक रकम होने पर उसे Cash Deposit Machine (CDM) के माध्यम से दूसरे बैंक खातों में जमा या ट्रांसफर किया जाता था।

जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ खाताधारकों के सिम कार्ड भी आरोपियों के पास रहते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों के जरिए कुल कितनी रकम का लेनदेन किया गया और इनका संबंध किन-किन साइबर अपराधों से है।

मुख्य आरोपी समेत छह गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी राहुल यादव, उचित कुमार (20), कमल गोस्वामी (21), साहिल कुमार (21), मौ. अयान (20) और मौ. शुभान (24) के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक राहुल यादव पूर्व में इंदौर ग्रामीण थाने में दर्ज एक मामले में जेल जा चुका है। अन्य आरोपियों की कथित भूमिका ATM से रकम निकालने, CDM में रकम जमा करने, म्यूल खाते उपलब्ध कराने और निवेश से जुड़े कार्यों में बताई गई है।

मामले में दो विधि-विवादित किशोरों को भी पुलिस ने संरक्षण में लिया है। उन्हें बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के संरक्षण में आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किया गया है। पुलिस दो अन्य वांछित आरोपियों की तलाश भी कर रही है।

IT Act समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा

पुलिस के अनुसार मामले में कोतवाली मुखानी में मु0अ0सं0 141/2026 दर्ज किया गया है। मुकदमा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C), 66(D) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 318(4) के तहत दर्ज किया गया है।

पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास, बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों और लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, स्थानों और संभावित साइबर अपराधों की पहचान करना है।

बैंक खाता या ATM किराये पर देना पड़ सकता है भारी

नैनीताल पुलिस ने लोगों को साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बचने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि कई बार लोग मामूली कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, पासबुक, चेकबुक या सिम किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए दे देते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति का खाता साइबर अपराध में इस्तेमाल होने पर वह भी जांच के दायरे में आ सकता है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति को पैसों या कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते अथवा बैंकिंग दस्तावेजों का इस्तेमाल न करने दें। किसी भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। साइबर ठगी या संदिग्ध ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन की स्थिति में 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की जा सकती है।

पुलिस टीम को 2,500 रुपये का पुरस्कार

इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम का उत्साहवर्धन करने के लिए एसएसपी नैनीताल ने 2,500 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। कार्रवाई में मुखानी थाना पुलिस के अलावा SOG नैनीताल और साइबर सेल की टीम शामिल रही।