रेखा आर्या प्रकरण में एसआईटी गठित, अस्पताल पहुंची जांच टीम

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एसपी देहात जया बलोनी की निगरानी में होगी जांच, मंत्री के बयान दर्ज करने की तैयारी; कथित ऑडियो की होगी फॉरेंसिक जांच

देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की ओर से अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच के लिए देहरादून पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर दिया है। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने एसपी देहात जया बलोनी की निगरानी में एसआईटी का गठन किया है। शुक्रवार को जांच टीम डालनवाला स्थित कृष्णा मेडिकल अस्पताल पहुंची और वहां भर्ती कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से बातचीत की। हालांकि, चिकित्सकों ने उन्हें बयान देने के लिए फिट नहीं बताया, जिसके चलते टीम को बिना बयान दर्ज किए वापस लौटना पड़ा।

एसआईटी में एसपी देहात जया बलोनी के अलावा सीओ सहसपुर अनुज कुमार, कैंट कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुंवर और शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट को शामिल किया गया है। टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

कथित ऑडियो की होगी फॉरेंसिक जांच

जांच के दौरान एसआईटी गिरधारी लाल साहू और एक महिला के बीच बातचीत के कथित ऑडियो को भी अपने कब्जे में लेकर उसकी जांच कराएगी। ऑडियो की फॉरेंसिक जांच के माध्यम से बातचीत में सुनाई देने वाली आवाज की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज गिरधारी लाल साहू की है या नहीं।

इसके अलावा, एसआईटी जल्द ही कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के बयान भी दर्ज करेगी। फिलहाल चिकित्सकों की ओर से उन्हें बयान देने के लिए फिट घोषित नहीं किए जाने के कारण टीम को इंतजार करना पड़ रहा है।

गिरधारी लाल साहू ने वीडियो जारी कर आरोपों को बताया गलत

दूसरी ओर, गिरधारी लाल साहू ने शुक्रवार को इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो जारी कर रेखा आर्या की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से सामने आए आरोपों के बीच अब पुलिस जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

गौरतलब है कि गुरुवार शाम को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें डालनवाला स्थित कृष्णा मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को भी वह अस्पताल में भर्ती रहीं।

इस दौरान बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक और अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोग अस्पताल पहुंचे और उनकी कुशलक्षेम पूछी। अब मामले की जांच एसआईटी को सौंपे जाने के बाद पुलिस आरोपों, कथित ऑडियो और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर आगे की कार्रवाई करेगी।