उत्तराखंड में अतिथि शिक्षकों का मानदेय 40 हजार रुपये करने की तैयारी, शासन को भेजा प्रस्ताव

Share now

प्रदेश के करीब 4,200 अतिथि शिक्षकों को मिल सकता है लाभ, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 25 हजार से बढ़ाकर 40,800 रुपये प्रतिमाह करने की संस्तुति की

देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी की तैयारी चल रही है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने अतिथि शिक्षकों का मासिक मानदेय 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 40,800 रुपये करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर प्रदेश के करीब 4,200 अतिथि शिक्षकों को इसका लाभ मिल सकता है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से विद्यालयी शिक्षा सचिव को भेजे गए प्रस्ताव में अतिथि शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि की संस्तुति की गई है। यह प्रस्ताव उपनल की निर्धारित वेतन व्यवस्था और दरों को आधार बनाकर तैयार किया गया है।

लेवल-4 के आधार पर तय किया गया प्रस्तावित मानदेय

प्रस्ताव के अनुसार, अतिथि शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता और उनके कार्य की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए उपनल के लेवल-4 वेतनमान के आधार पर मानदेय निर्धारित करने की सिफारिश की गई है। इसमें 25,500 रुपये न्यूनतम वेतन के साथ 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता यानी 15,300 रुपये शामिल किया गया है। इस तरह कुल 40,800 रुपये प्रतिमाह मानदेय देने का प्रस्ताव रखा गया है।

दुर्गम क्षेत्रों में दे रहे हैं सेवाएं

प्रदेश के पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों के सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। विशेष रूप से दूरस्थ और अति दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। लंबे समय से अतिथि शिक्षक मानदेय में बढ़ोतरी और नियमितीकरण की मांग करते आ रहे हैं।

नवोदय विद्यालयों के शिक्षकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की तैयारी

इसी क्रम में राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के मानदेय में भी वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। वर्तमान में इन विद्यालयों में पीजीटी शिक्षकों को 30 हजार रुपये और टीजीटी शिक्षकों को 27 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। इनके मानदेय में भी बढ़ोतरी किए जाने पर विचार किया जा रहा है।

फिलहाल अतिथि शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव शासन के पास विचाराधीन है। अब सभी की निगाहें शासन के फैसले पर टिकी हैं। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों को आर्थिक राहत मिलने के साथ ही उनके मानदेय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकेगी।