देहरादून में ‘अर्थ आवर’ का असर: 1 घंटे में 600 मेगावाट बिजली बचत

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देहरादून।  उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए शनिवार को ‘अर्थ आवर’ पूरे उत्साह के साथ मनाया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास पर रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक सभी गैर-जरूरी लाइटें बंद कर इस वैश्विक अभियान में सहभागिता की।
राजधानी देहरादून समेत प्रदेशभर में आम लोगों ने भी अपने घरों, दफ्तरों और प्रतिष्ठानों की लाइट बंद रखकर अभियान को सफल बनाया, जिससे एक घंटे में लगभग 600 मेगावाट बिजली की बचत हुई।
रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक लोगों ने स्वेच्छा से अपने घरों, दफ्तरों और प्रतिष्ठानों की लाइट बंद रखकर इस वैश्विक अभियान में भाग लिया।
इस दौरान प्रदेश में बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। आमतौर पर पीक आवर्स में जहां एक घंटे में करीब 2000 मेगावाट बिजली की खपत होती है, वहीं अर्थ आवर के दौरान यह घटकर लगभग 1400 मेगावाट रह गई।

इस तरह करीब 600 मेगावाट बिजली की बचत हुई, जो लोगों की जागरूकता और सहभागिता को दर्शाती है।
राजधानी देहरादून में इस पहल का विशेष प्रभाव देखने को मिला। राजपुर रोड, घंटाघर सहित कई प्रमुख इलाकों में एक घंटे के लिए अंधेरा छा गया।
लोगों ने मोमबत्तियां और दीये जलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सरकारी भवनों, होटलों, संस्थानों और आवासीय क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने इस अभियान का समर्थन किया।
‘अर्थ आवर’ एक अंतरराष्ट्रीय अभियान है, जिसकी शुरुआत डब्ल्यूडब्ल्यूएफ द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य लोगों को जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
इस दौरान दुनियाभर में लोग गैर-जरूरी बिजली उपकरणों को एक घंटे के लिए बंद रखते हैं। कार्यक्रम में छात्रों, सामाजिक संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और आमजन से नियमित रूप से ऊर्जा बचाने की अपील की।