जल संस्थान के नाम पर फर्जी WhatsApp मैसेज से सावधान, कनेक्शन काटने की धमकी देकर हो रही ठगी की कोशिश

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हल्द्वानी। उत्तराखंड जल संस्थान के नाम और लोगो का दुरुपयोग कर उपभोक्ताओं को फर्जी WhatsApp मैसेज भेजे जाने का मामला सामने आया है। इन संदेशों में पानी का बिल जमा नहीं होने या कंज्यूमर आईडी अपडेट न होने का हवाला देकर कनेक्शन काटने की धमकी दी जा रही है। विभाग ने उपभोक्ताओं से ऐसे संदेशों से सतर्क रहने और किसी भी अनजान नंबर या संदिग्ध लिंक पर प्रतिक्रिया नहीं देने की अपील की है।

बिल बकाया बताकर बनाया जा रहा दबाव

फर्जी WhatsApp संदेशों में उपभोक्ता पहचान संख्या का उल्लेख करते हुए जल्द कार्रवाई नहीं करने पर पानी का कनेक्शन काटने की बात कही जा रही है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को किसी निजी मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा जा रहा है।

कुछ संदेशों में बकाया बिल के भुगतान के नाम पर WhatsApp के माध्यम से KYC पूरी करने और मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड करने के लिए भी कहा जा रहा है। जल संस्थान ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संदिग्ध संदेशों पर भरोसा न करें और किसी भी अनजान फाइल को मोबाइल में डाउनलोड न करें।

निजी और बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें

जल संस्थान के अधिशासी अभियंता रविशंकर लोशाली ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपनी निजी अथवा बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक खोलने, अनजान एप या APK फाइल डाउनलोड करने और किसी अनधिकृत नंबर पर संपर्क करने से भी बचें।

पानी के बिल, कनेक्शन या उपभोक्ता खाते से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए जल संस्थान के अधिकृत कार्यालय या संबंधित अधिकारी से सीधे संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।

OTP और UPI PIN किसी से साझा न करें

विभाग ने उपभोक्ताओं को विशेष रूप से OTP, UPI PIN, बैंक खाते की जानकारी, कार्ड संबंधी विवरण और KYC दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने को कहा है। WhatsApp पर आने वाले ऐसे संदेशों और फोन कॉल की सत्यता की पुष्टि किए बिना कोई भुगतान या ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं करने की भी सलाह दी गई है।

जल संस्थान की ओर से पानी और सीवर बिल से संबंधित ऑनलाइन सेवाएं आधिकारिक माध्यमों से उपलब्ध कराई जाती हैं। उपभोक्ताओं को बिल भुगतान और अन्य सेवाओं के लिए केवल विभाग के अधिकृत माध्यमों का इस्तेमाल करने को कहा गया है।

अधिकारियों को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश

मामले को गंभीरता से लेते हुए जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक डीके सिंह की ओर से अधिशासी अभियंताओं को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। साथ ही विभागीय कर्मचारियों को उपभोक्ताओं के बीच इस तरह की साइबर ठगी और फर्जी संदेशों को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है या ठगी का प्रयास किया जाता है तो वह तत्काल पुलिस अथवा साइबर अपराध विभाग को इसकी सूचना दे। समय रहते शिकायत करने से साइबर ठगी की स्थिति में कार्रवाई और धनराशि की रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है।