हल्द्वानी। शहर के लोगों के लिए अब फेफड़ों और छाती से जुड़ी गंभीर बीमारियों का इलाज और भी आसान हो गया है। नीलकंठ हॉस्पिटल, हल्द्वानी में बीएलके-मैक्स हॉस्पिटल के सीनियर डायरेक्टर (थोरैसिक सर्जरी एवं लंग ट्रांसप्लांटेशन) डॉ. प्रमोज जिंदल की ओपीडी सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। इस अवसर पर नीलकंठ हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. गौरव सिंघल भी उपस्थित रहे।
डॉ. प्रमोज जिंदल अब हर महीने के तीसरे गुरुवार को दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक नीलकंठ हॉस्पिटल, हल्द्वानी में मरीजों के प्राथमिक परामर्श और फॉलो-अप के लिए उपलब्ध रहेंगे। इससे स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ सेवाएं अपने ही शहर में मिल सकेंगी।
डॉ. जिंदल ने बताया कि फेफड़ों और छाती से संबंधित जटिल बीमारियों के इलाज में हाल के वर्षों में काफी प्रगति हुई है। रोबोटिक तकनीक और वीडियो असिस्टेड थोराकोस्कोपिक सर्जरी (VATS) जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से अब ऑपरेशन अधिक सुरक्षित और प्रभावी हो गए हैं। इन तकनीकों से मरीजों को जल्दी रिकवरी मिलती है और पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में बेहतर परिणाम सामने आते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि थोरैसिक सर्जरी के अंतर्गत फेफड़े, चेस्ट वॉल, मीडियास्टिनम और इसोफेगस (खाने की नली) से जुड़ी नॉन-कार्डिएक सर्जरी की जाती है। इसमें टीबी से जुड़ी जटिलताएं जैसे फंगल बॉल के साथ कैविटी, छाती में पस, सांस की नली का संकुचन, फेफड़ों से हवा का रिसाव और फेफड़ों के आसपास तरल पदार्थ जमा होना शामिल हैं। इसके अलावा फेफड़े, विंड पाइप, फूड पाइप और चेस्ट वॉल के कैंसर, डायफ्राम हर्निया और डायफ्राम की कमजोरी जैसी बीमारियों का भी इलाज किया जाता है।
वहीं, नीलकंठ हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. गौरव सिंघल ने कहा कि बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के साथ यह साझेदारी क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे हल्द्वानी और आसपास के लोगों को उन्नत थोरैसिक सर्जरी और लंग ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाएं अपने नजदीक ही उपलब्ध होंगी, जिससे समय पर बेहतर इलाज संभव हो सकेगा।

More Stories
Future Police Chiefs Get First-Hand Lesson in Disaster Resilience at SDRF Dehradun
कौडियाला में दर्दनाक हादसा: ट्रक से भिड़ी कार, महिला की मौत, 7 घायल
हल्द्वानी में बवाल: मदरसन कंपनी गेट पर प्रदर्शन, पूर्व मंत्री हरीश पनेरु समेत 4 नेता हिरासत में