भाजपा का कांग्रेस की ‘भूमि बचाओ यात्रा’ पर हमला, विनोद चमोली बोले- अपनी राजनीतिक जमीन बचाने निकली कांग्रेस

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देहरादून, 3 नवंबर। उत्तराखंड में कांग्रेस की प्रस्तावित ‘भूमि बचाओ यात्रा’ को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की इस यात्रा पर सवाल उठाते हुए इसे प्रदेश में निवेश, रोजगार और पर्यटन से जुड़े विकास कार्यों को बाधित करने की कोशिश करार दिया है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कहा कि भूमाफिया संस्कृति को जन्म देने और संरक्षण देने का काम कांग्रेस सरकारों ने किया है। ऐसे में कांग्रेस को भूमि बचाओ यात्रा निकालने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

मंगलवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में विनोद चमोली ने कांग्रेस पर चार दर्जन से अधिक भूमि घोटालों में शामिल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों के कार्यकाल में भूमि आवंटन के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। राजधानी के धोलास में मुस्लिम विश्वविद्यालय के लिए शेखुल्ल एजुकेशनल ट्रस्ट को एनडी तिवारी सरकार के कार्यकाल में करीब 20 एकड़ भूमि कम दरों पर आवंटित किए जाने का मामला भी उन्होंने उठाया। आरोप लगाया कि बाद में इस भूमि पर प्लॉटिंग कर उसे बेचा और आगे आवंटित किया गया।

चमोली ने अल्मोड़ा के नैनीसार में जिंदल समूह से जुड़े एक एजुकेशनल ट्रस्ट को करीब सात हेक्टेयर भूमि आवंटित किए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस आवंटन के खिलाफ स्थानीय लोगों को आंदोलन करना पड़ा और मामला न्यायालय तक पहुंचा। उन्होंने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें जब पहाड़ों में निवेश, शिक्षा और पर्यटन के नाम पर भूमि आवंटित करती थीं, तब इसे विकास का हिस्सा बताया जाता था, लेकिन वर्तमान सरकार के फैसलों का विरोध किया जा रहा है।

भाजपा सरकार ने सख्त भू-कानून लागू कर बचाई जमीन: चमोली

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सरकारों ने प्रदेश में भूमि संरक्षण के लिए सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में नया सख्त भू-कानून लागू किया गया है, जिसमें भूमि की खरीद-फरोख्त पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि धार्मिक गतिविधियों के नाम पर अवैध रूप से कब्जाई गई 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। वहीं, हल्द्वानी के वनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की करीब 80 एकड़ भूमि को मुक्त कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।

चमोली ने कहा कि एनडी तिवारी सरकार के समय हुए करीब 57 भूमि आवंटनों में से 52 गढ़वाल क्षेत्र में किए गए थे। इनमें कई भूमि बेहद कम दरों पर आवंटित की गईं। उन्होंने ऊधमसिंह नगर में एनएच भूमि घोटाले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इसमें बाजार दर से 20 गुना अधिक मुआवजा दिया गया। उन्होंने कांग्रेस पर राज्य के संसाधनों का अंधाधुंध दोहन करने का भी आरोप लगाया।

‘भूमि बचाने नहीं, अपनी राजनीतिक जमीन बचाने निकली कांग्रेस’

कांग्रेस की प्रस्तावित यात्रा पर तंज कसते हुए विनोद चमोली ने कहा, “कांग्रेस की भूमि बचाओ यात्रा उत्तराखंड की जमीन बचाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए है। जमीन तो उन्होंने खुद खुर्द-बुर्द की थी। जनता उन्हें माफ नहीं करने वाली।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह अभियान प्रदेश में विकास, निवेश और रोजगार के अवसरों को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास है। चमोली ने विश्वास जताया कि जनता के समर्थन से प्रदेश में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, मीडिया सह प्रभारी राजेंद्र सिंह नेगी, प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक और कमलेश रमन भी मौजूद रहे।