16 अक्टूबर तक ऐसा ही रहेगा मौसम का मिजाज, ठंडी हवाओं से बढ़ेगी सर्दी; ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। पहाड़ से लेकर मैदान तक सुबह और शाम के समय ठंड का एहसास बढ़ने लगा है। प्रदेश में रविवार सुबह से ही कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है। वहीं, मैदानी जिलों में मौसम शुष्क रहने से बारिश और तूफान से राहत मिलने के आसार हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 11 अक्टूबर को पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं। मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 अक्टूबर तक प्रदेश में मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही बना रह सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आने तथा ठंड बढ़ने की संभावना है।
देहरादून का तापमान सामान्य स्तर पर पहुंचा
पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश और तूफान के कारण देहरादून समेत प्रदेश के कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही थी। हालांकि, अब देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य स्तर पर पहुंच गया है। शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक था।
दूसरी ओर, पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश, कोहरे और हवाओं के चलते दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम में आ रहे इस बदलाव से सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ने लगी है।
ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जल्द आकलन करने के निर्देश
प्रदेश में नौ अक्टूबर को हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान को लेकर सरकार ने आकलन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का वास्तविक आकलन कर प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर बारिश और ओलावृष्टि से फसलों, जन-धन और सरकारी एवं निजी परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन करने को कहा है।
मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आपदा प्रभावितों को समय पर राहत उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नुकसान का सही आकलन कर पात्र प्रभावितों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा और आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए संबंधित विभागों को तत्काल स्थलीय सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारियों को सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश
सचिव विनोद कुमार सुमन के निर्देश पर उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र में नौ अक्टूबर को हुई बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का विस्तृत विवरण संकलित करने को कहा गया है।
प्रशासन की ओर से फसलों, पशुधन, आवासीय भवनों और अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत और सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।


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