देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यू.पी.ई.एस. बिधौली में आयोजित उत्तराखंड न्यायाधीश संघ के वार्षिक सम्मेलन “जूडिशियम 2.0 : इंक्लूज़न, एक्सेस एंड स्ट्रेंथनिंग” में कहा कि न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विशेषकर उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित और निष्पक्ष न्याय पहुंचाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है और जनता का विश्वास इसकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार ई-कोर्ट्स, डिजिटल केस मैनेजमेंट, ई-फाइलिंग और वर्चुअल सुनवाई जैसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा देकर न्यायिक प्रक्रियाओं को आधुनिक और प्रभावी बना रही हैं।
उन्होंने कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने, अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस, समान नागरिक संहिता और विभिन्न सख्त कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से प्रदेश में कानून का राज और मजबूत हुआ है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड जज एसोसिएशन की कल्याण निधि के लिए 5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की तथा एसोसिएशन की स्मारिका का विमोचन भी किया।


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