देहरादून। राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी के बेटे यशोवर्धन के खिलाफ 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी और फर्जी पहचान बताने का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
राजपुर थानाध्यक्ष पीडी भट्ट ने कहा कि गढ़ी कैंट निवासी अंशुल उपाध्याय ने तहरीर देकर बताया कि बीते मार्च में वह यशोवर्धन से मिला था। आरोपी ने खुद को केंद्र सरकार की गुप्त एजेंसियों और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप से जुड़ा अफसर बताया। उसने अंशुल को उसकी दिवंगत मां के नाम पर सुमन हेल्थ एंड वेलनेस, हाउज द होस और यूरेका फार्म्स नामक कंपनियों के पंजीकरण का झांसा दिया। साथ ही भरोसा दिया कि वह अपनी पहुंच से स्टार्टअप इंडिया के तहत इन कंपनियों को 20–25 लाख की फंडिंग दिलाएगा।
आरोप है कि यशोवर्धन ने राजपुर रोड स्थित होटल जिंजर में बुलाकर पंजीकरण के नाम पर प्रति कंपनी 36 हजार रुपये लिए। कस्टम विभाग से सस्ते ऑक्सीजन दिलाने के नाम पर भी दो लाख रुपये ऐंठे। आरोपी ने कुल 15 लाख रुपये की ठगी की। बाद में पूरे नहीं होने पर पीड़ित को ठगे जाने का एहसास हुआ। पैसे मांगने पर आरोपी ने नंबर ब्लॉक कर दिए। भट्ट ने बताया कि यशोवर्धन पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच की जा रही है।

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