लालकुआं/नैनीताल।
लालकुआं क्षेत्र की लाखों की आबादी के लिए बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) लालकुआं में पिछले चार दिनों से एक भी महिला डॉक्टर मौजूद नहीं है, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं और आशा वर्करों को झेलनी पड़ रही है।
बताया जा रहा है कि यहां अपनी सेवाएं दे रही महिला डॉक्टर डॉ. प्रेमलता को मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नैनीताल द्वारा अचानक मोटा हल्दू अटैच कर दिया गया। इसके बाद से स्वास्थ्य केंद्र में महिला डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।
स्थिति यह है कि सैकड़ों गर्भवती महिलाएं मजबूरी में लालकुआं से हल्द्वानी का रुख कर रही हैं। स्थानीय लोगों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
आशा वर्करों ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना महिला डॉक्टर के प्रसव और जांच कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र लोटनी ने भी स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे जनता के साथ बड़ा अन्याय बताया।

More Stories
ऋषिकेश में ‘किंग ऑफ उत्तराखंड’ गैंग पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गैंग लीडर समेत 3 गिरफ्तार
हल्द्वानी डकैती का मास्टरमाइंड यश सिडाना समेत चार आरोपी गिरफ्तार, हथियार और लूटी गई रकम बरामद
रक्षाबंधन पर मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया संकल्प