नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट होगा हाईकोर्ट? सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रक्रिया तेज होने के आसार

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नई दिल्ली / नैनीताल । उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित करने का रास्ता अब साफ हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें हाईकोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट करने से पहले वकीलों और मुकदमेबाजों के बीच जनमत संग्रह कराने की बात कही गई थी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. एस. मोहना की पीठ ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट अपने न्यायिक अधिकार क्षेत्र का उपयोग करते हुए इस प्रकार के प्रशासनिक निर्देश जारी नहीं कर सकता।

अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट के स्थानांतरण जैसे बुनियादी ढांचे से जुड़े निर्णय प्रशासनिक विषय हैं, जिन पर राज्य सरकार और हाईकोर्ट आपसी परामर्श से फैसला करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि न्यायिक आदेश के माध्यम से जनमत संग्रह कराने का निर्देश देना विधिसम्मत नहीं है। इसलिए उत्तराखंड हाईकोर्ट का पूर्व आदेश निरस्त किया जाता है।

इस फैसले के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट को हल्द्वानी स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी कानूनी बाधा समाप्त हो गई है।

अब राज्य सरकार और हाईकोर्ट प्रशासन आपसी सहमति से स्थानांतरण की दिशा में आगे की कार्रवाई कर सकेंगे।