देहरादून । व्यावसायिक प्रतिष्ठानों (होटल- रेस्टोरेंट) में कामर्शियल सिलिंडर पर रोक लगने के बाद घरेलू गैस सिलिंडर की कालाबाजारी शुरू हो गई है। कहीं न कहीं गैस एजेंसियों की मिली भगत का अंदेशा भी लगाया जा रहा है। डीएसओ की टीम ने विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में छापेमारी के दौरान 23 घरेलू गैस सिलिंडर जब्त किए।
उधर आयल कंपनियों की साइट पर घरेलू गैस बुकिंग करने के बाद भी उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। शहर में संचालित हो रही एजेंसियों का बुकिंग सर्वर बाधित होने से उपभोक्ता गैस बुक नहीं करा पा रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग की समय अवधि पूरी हो गई है। वह भी एजेंसियों के बाहर लंबी कतार लगाकर घंटों गैस मिले का इंतजार कर रहे हैं। गैस की विधिवत सप्लाई होने के बाद भी उपभोक्ताओं को तमाम व्यावहारिक दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल, पेट्रोलियम मंत्रालय ने घरेलू एवं परिवहन सेक्टर को छोड़कर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कामर्शियल सिलिंडर पर रोक लगाने का फैसला लिया है। व्यवस्था में बदलाव के बाद व्यावसायिक प्रतिष्ठान (होटल-रेस्टोरेंट) के कारोबारियों ने इसका तोड़ निकालना शुरू कर दिया है। व्यावसायिक प्रतिष्ठान को घरेलू गैस सिलिंडर की जमाखोरी कर संचालित किया जा रहा है। बुधवार को डीएसओ की टीम शहर के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी के लिए सड़क पर उतरी।
टीम ने 65 प्रतिष्ठानों को चेक किया और 37 घरेलू सिलिंडर जब्त किए। हालांकि जब्त सिलिंडर किसी गैस एजेंसियों के हैं। इसका रिकार्ड खंगालना डीएसओ ने शुरू कर दिया है। जबकि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलिंडर को प्रयोग में लाना आयल कंपनियों के नियम विरुद्ध है।
उधर घरेलू गैस सिलिंडर न मिलने से उपभोक्ता एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। इधर व्यावसायिक प्रतिष्ठान कामर्शियल सिलिंडर के बजाए घरेलू सिलिंडर की जमाखोरी करने में उतारू हो गया है। जमाखोरी एवं कालाबाजारी को लेकर पूर्ति विभाग ने चार टीमें गठित कर दी है। गैस एजेंसियों पर क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक को पैनी नजर बनाने के निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही पूर्ति कार्यालय में तैनात की गई चार टीमें एजेंसियों के स्टाक एवं डिलीवरी की मानिटरिंग कर रही है।
एक सिलिंडर कनेक्शन धारक के लिए सबसे बड़ी चुनौती
पेट्रोलियम मंत्रालय से जारी निर्देश के अनुसार सिलिंडर की बुकिंग करने पर 25 दिन का इंतजार करना पड़ेगा। लेकिन जिन उपभोक्ताओं की सिलिंडर की डीबीसी (दो सिलिंडर) नहीं है। उनको चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। एक सिलिंडर के समाप्त होने पर दूसरे सिलिंडर उपलब्ध न होने पर होटल- ढाबा, रेस्टोरेंट का सहारा लेना पड़ेगा।
पहले बुकिंग कर चुके उपभोक्ताओं को भी नहीं मिल रही गैस
पूर्व में जिन उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग कराई है। उनके बुकिंग की समय अवधि पूरी होने के बाद भी गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ऐसे में एजेंसी संचालकों के खिलाफ उभोक्ताओं का विरोध शुरू हो गया है। एजेंसियों ने जो टोलफ्री मिस काल नंबर उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने भी काम करना बंद कर दिया है। ऐसे में उपभोक्ताओं के सामने गैस बुकिंग को लेकर चुनौती बढ़ने लगी है।

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