माउंट मुकुट ईस्ट का ऐतिहासिक आरोहण कर लौटे भारतीय तटरक्षक बल एवं एचएमआई के संयुक्त अभियान दल का मुख्यमंत्री ने किया फ्लैग-इन

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भारतीय तटरक्षक बल के इतिहास में पहली बार 7,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली पर्वत चोटी का सफल आरोहण, मुख्यमंत्री ने दी बधाई

उत्तराखंड के 25 गौरवशाली वर्षों को समर्पित अभियान में शिखर पर फहराया गया 2,500 वर्ग फुट का विशाल ध्वज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में भारतीय तटरक्षक बल एवं हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (एचएमआई), दार्जिलिंग के संयुक्त पर्वतारोहण अभियान दल का फ्लैग-इन किया। एचएमआई के प्राचार्य कर्नल रजनीश जोशी के नेतृत्व में संयुक्त दल ने 7,045 मीटर ऊंचे माउंट मुकुट ईस्ट का सफल आरोहण कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह भारतीय तटरक्षक बल के इतिहास में 7,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली किसी पर्वत चोटी का पहला सफल आरोहण है।

मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए अभियान दल के सभी सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हिमालय की दुर्गम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इस प्रकार की सफलता पर्वतारोहियों के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प, अनुशासन और टीम भावना का परिचायक है। यह उपलब्धि भारतीय तटरक्षक बल के साथ ही पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान साहस, शौर्य और समृद्ध पर्वतारोहण परंपरा से जुड़ी रही है। इस अभियान को उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षों को समर्पित किया जाना विशेष महत्व रखता है। अभियान दल द्वारा माउंट मुकुट ईस्ट के शिखर पर 2,500 वर्ग फुट का विशाल उत्तराखंड ध्वज फहराया जाना प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की गौरवशाली यात्रा और हिमालय के साथ उसके गहरे जुड़ाव को भी प्रदर्शित करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन और पर्वतारोहण की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ ही युवाओं को पर्वतारोहण और अन्य साहसिक खेलों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस प्रकार के अभियान युवाओं को कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बल के जवानों द्वारा हिमालय की ऊंचाइयों पर इस प्रकार की उपलब्धि हासिल करना उनकी साहसिक क्षमता और उत्कृष्ट प्रशिक्षण को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि माउंट मुकुट ईस्ट अभियान से प्राप्त अनुभव वर्ष 2027 में प्रस्तावित माउंट एवरेस्ट अभियान की सफलता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर एचएमआई, दार्जिलिंग के प्राचार्य एवं अभियान दल के नेतृत्वकर्ता कर्नल रजनीश जोशी ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय तटरक्षक बल वर्ष 2027 में अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण करने जा रहा है। स्वर्ण जयंती के अवसर पर प्रस्तावित माउंट एवरेस्ट अभियान की तैयारियों के अंतर्गत यह पर्वतारोहण अभियान आयोजित किया गया। इसके लिए पर्वतारोहियों के चयन एवं प्रशिक्षण की जिम्मेदारी हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट, दार्जिलिंग को सौंपी गई है।

कर्नल जोशी ने बताया कि 15 सितंबर से 9 अक्टूबर 2026 तक संचालित अभियान के अंतर्गत संयुक्त दल ने माउंट मुकुट ईस्ट का सफल आरोहण किया। इस अभियान को उत्तराखंड के 25 गौरवशाली वर्षों को समर्पित करते हुए शिखर पर 2,500 वर्ग फुट का विशाल ध्वज फहराया गया। उन्होंने बताया कि माउंट एवरेस्ट अभियान की तैयारियों के क्रम में दल द्वारा इससे पूर्व सिक्किम हिमालय में माउंट बी.सी. रॉय और माउंट थिंचेनखांग का भी सफल आरोहण किया जा चुका है। इन अभियानों से पर्वतारोहियों को उच्च हिमालयी परिस्थितियों में अनुकूलन, तकनीकी दक्षता और सामूहिक समन्वय का महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त हुआ है।

इस अवसर पर भारतीय तटरक्षक बल के अपर महानिदेशक आनंद प्रकाश बडोला, उप महानिरीक्षक हिमांशु नौटियाल, उप महानिरीक्षक श्री डी.एस. चौहान, कमांडेंट श्री अमित उनियाल, कमांडेंट विश्वजीत सिंह, एचएमआई के श्री पासांग तेनजिंग शेरपा सहित अभियान दल के अन्य सदस्य उपस्थित थे।