नैनीताल में बारिश का कहर: शिप्रा, गौला, कोसी और दाबका उफान पर, 47 सड़कें बंद

Share now

नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते 24 घंटे में हुई मूसलाधार बारिश के बाद जिले के कई नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कई इलाकों में खतरा बढ़ गया है। प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

कैंची धाम क्षेत्र में शिप्रा नदी तेज बहाव में बह रही है, जबकि हल्द्वानी में गौला नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। भारी बारिश का असर रामनगर क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। यहां कोसी और दाबका नदियां उफान पर बह रही हैं। वहीं पदमपुरी क्षेत्र में बहने वाली कालसा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है और पानी का बहाव तेज हो गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से लोगों से तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है।

नैनीताल स्नो व्यू में 217 मिमी बारिश दर्ज

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की सुबह साढ़े नौ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, नैनीताल जिले के कई क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई है। कुछ स्थानों पर 100 मिलीमीटर से अधिक वर्षा हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक नैनीताल स्नो व्यू में सबसे अधिक 217 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा हल्द्वानी-काठगोदाम में 166 मिलीमीटर बारिश हुई। मुक्तेश्वर और चोरगलिया में 107.7 मिलीमीटर, कैंची धाम में 105 मिलीमीटर और खनस्यू में 92.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

भारी बारिश से जिले की 47 सड़कें बाधित

मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण नैनीताल जिले में बड़ी संख्या में सड़कें प्रभावित हुई हैं। जिला आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार तीन राज्य मार्ग, दो मुख्य जिला मार्ग, एक अन्य जिला मार्ग और 41 ग्रामीण मार्ग बाधित हैं। इस तरह जिले में कुल 47 सड़कें प्रभावित हुई हैं। सड़कें बंद होने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित विभागों की ओर से जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने और बंद मार्गों को खोलने का काम लगातार जारी है।

बारिश से जनहानि और भवनों को भी नुकसान

भारी बारिश के कारण जिले में जनहानि और संपत्ति को नुकसान की भी सूचना है। जिला आपदा रिपोर्ट के अनुसार अब तक चार लोगों की मौत की जानकारी दर्ज की गई है। इसके अलावा 54 भवनों को आंशिक नुकसान पहुंचा है, जबकि एक भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। बारिश और आपदा के कारण दो पशुओं की मौत की भी सूचना है। वहीं तीन गौशालाओं को नुकसान पहुंचा है।

भीमताल में नाले में बहने से बच्ची की मौत

बारिश के दौरान भीमताल क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना भी सामने आई है। एक सितंबर को एक बच्ची नाले के तेज बहाव में बह गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई। लगातार बारिश के कारण छोटे नालों और बरसाती गदेरों में भी पानी का बहाव अचानक तेज हो रहा है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से बच्चों को नदी-नालों और बरसाती नालों के आसपास नहीं जाने देने की अपील की है।

ककड़िया नाले में मलबा आने से 20 परिवार प्रभावित

नैनीताल तहसील के अल्चौना-पांडेछोर क्षेत्र में ककड़िया नाले में अत्यधिक पानी और मलबा आने से आवासीय क्षेत्र और गौशालाएं प्रभावित हुई हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने 20 प्रभावित परिवारों को उनके मवेशियों सहित गांव में ही सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित किया है। प्रभावित परिवारों की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

बिजली और पेयजल आपूर्ति फिलहाल सामान्य

प्रशासन के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में फिलहाल बिजली और पेयजल आपूर्ति सामान्य है। हालांकि लगातार बारिश को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार रखी गई हैं।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

नैनीताल जिले में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और लगातार बारिश के कारण प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को तेज बहाव वाली नदियों और नालों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में यात्रियों और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।