देहरादून, 24 जुलाई 2026: स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उत्तराखंड ने साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। नौकरी और आसान लोन दिलाने के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनका OLX फ्रॉड सहित विभिन्न साइबर अपराधों में उपयोग करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, STF अजय सिंह के निर्देशन में Financial Fraud Unit की टीम ने I4C/NCRP पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गहन विश्लेषण, तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल इंटेलिजेंस के आधार पर कार्रवाई की। जांच के दौरान इंडसइंड बैंक के एक संदिग्ध खाते का पता चला, जिसका उपयोग बड़े स्तर पर वित्तीय धोखाधड़ी में हो रहा था।
आज दिनांक 24 जुलाई 2026 को STF टीम ने आशारोड़ी चेकपोस्ट पर राजस्थान नंबर की स्कॉर्पियो वाहन (RJ14U0140) को रोका और उसमें सवार दोनों अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त:
1. राहुल मोहम्मद, निवासी जिला डींग, राजस्थान
2. शिवांश उपाध्याय, निवासी गोरखपुर (वर्तमान में लखनऊ)
पूछताछ में खुलासा: अभियुक्त सोशल मीडिया (फेसबुक-इंस्टाग्राम) पर नौकरी और लोन दिलाने के आकर्षक विज्ञापन पोस्ट करते थे। इच्छुक लोगों से व्हाट्सएप पर संपर्क कर उनके नाम पर इंडसइंड बैंक के खाते खुलवाते थे। खातों का पूरा नियंत्रण (मोबाइल नंबर, इंटरनेट बैंकिंग) स्वयं अभियुक्त रखते थे। इन खातों का उपयोग OLX पर फर्जी वाहन एवं सामान खरीद-बिक्री के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने में किया जाता था।
बरामदगी:
• 04 मोबाइल फोन (Samsung, iPhone, Lava, Redmi)
• 05 इंडसइंड बैंक किट (ATM कार्ड एवं चेकबुक सहित)
• 01 आधार कार्ड
• ₹15,000 नकद
• साइबर अपराध से संबंधित अन्य डिजिटल साक्ष्य
अभियुक्त राहुल मोहम्मद के विरुद्ध राजस्थान में पहले भी साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। बरामद सामग्री का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है।
प्रकरण में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में मुकदमा संख्या 41/2026 धारा 318(4), 61(2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 66D सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
जनता से अपील
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, STF ने आम जनता से अपील की है कि:
• OLX या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद-बिक्री करते समय QR कोड स्कैन न करें।
• एडवांस पेमेंट से पहले विक्रेता/खरीदार की पूरी सत्यता जांच लें।
• नौकरी या लोन के नाम पर कभी भी अपना बैंक खाता, ATM, चेकबुक या मोबाइल नंबर किसी को न दें।
• बैंक खाता किराए पर देना भी दंडनीय अपराध है।
किसी भी साइबर धोखाधड़ी की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर तुरंत रिपोर्ट करें।

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