Uttarakhand news: प्रमोद अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। इसके अलावा उनका एक बेटा और एक बेटी है।
चम्पावत: उत्तराखंड में हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अभी हाल ही में नैनीताल के जीरो पॉइंट पर भीषण हादसा हुआ था। इस हादसे में अल्मोड़ा के सैनार गांव के प्रमोद सिंह की भी मौत हो गई।
प्रमोद सिंह दिल्ली में काम करते थे। उनके गांव में पूजा थी, जिस वजह से वो काम से छुट्टी लेकर गांव जा रहे थे। प्रमोद अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। इसके अलावा उनका एक बेटा और एक बेटी है। दोनों मासूम पिता की मौत के बाद से बेसुध हैं। इस हादसे में प्रमोद की पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हुई है। प्रमोद के पिता कुंदन सिंह गांव में ही खेती-किसानी का काम करते हैं।
कुंदन सिंह का एक बेटा और एक बेटी थी। बेटी की मौत पहले ही हो चुकी है और अब बेटे की मौत के बीद पिता कुंदन टूट से गए हैं। सैनार गांव में पूजा होनी थी। इस वजह से प्रमोद अपनी पत्नी के साथ गांव जा रहे थे। दिल्ली में उनकी मां उनके साथ ही रहती थीं। बेटा और बेटी उनकी मां के पास ही थे। हादसे में प्रमोद की मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। इस हादसे के बाद से रप्रमोद के गांव में भी गमगीन माहौल है। बताया गया है कि प्रमोद 15 साल से दिल्ली में ही रह रहे थे। वो बीच-बीच में गांव आते-जाते रहते थे। उनकके पिता कुंदन गांव में ही खेती किसानी करते हैं।


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